बिलासपुर, 31 मार्च 2026।
देशभर में ईंधन की बढ़ती चिंता अब बिलासपुर में भी देखने को मिल रही है। जहां पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, वहीं गैस सिलेंडर की मांग में अचानक वृद्धि ने वितरण व्यवस्था पर दबाव डाल दिया है। अफवाहों और घबराहट के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जबकि असल में इनकी कोई कमी नहीं है।
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर आपूर्ति किसी कारणवश अस्थायी रूप से बाधित हो जाती है, तो भी जिले के पेट्रोल पंपों पर पांच दिन तक पेट्रोल और साढ़े पांच दिन तक डीजल का स्टॉक उपलब्ध रहेगा।
प्रशासन के अनुसार, जिले में 171 पेट्रोल पंप हैं, जहां वर्तमान में 1209 किलोलीटर पेट्रोल और 1429 किलोलीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। रोजाना 250 किलोलीटर पेट्रोल और 260 किलोलीटर डीजल की खपत हो रही है, जो सामान्य आपूर्ति से संतुलित बनी हुई है। हालांकि, हाल के दिनों में बिक्री में 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो वास्तविक जरूरत की बजाय लोगों द्वारा अतिरिक्त स्टॉक करने के कारण हो रही है।
गैस सिलेंडर की स्थिति पेट्रोल-डीजल से काफी अलग है। जिले में रोजाना 9 हजार घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है, जबकि वर्तमान में इसकी मांग 22 हजार तक पहुंच गई है। इस प्रकार 13 हजार सिलेंडरों की कमी का दबाव देखा जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि पिछले 6 से 9 महीनों से गैस सिलेंडर नहीं लेने वाले उपभोक्ता भी अब एक साथ सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे मांग अचानक बढ़ी है।
कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर और ईंधन खरीद रहे हैं, जिससे कृत्रिम संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को बढ़ाकर 20 प्रतिशत से 70 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
प्रशासन ने नागरिकों से संयम बनाए रखने की अपील की है। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे केवल आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर खरीदें, और अनावश्यक भंडारण से बचें। अफवाहों पर ध्यान न देने और वैकल्पिक संसाधनों का उपयोग करने की सलाह भी दी गई है, ताकि उपलब्ध संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।












