देवरिया, 27 अप्रैल।
उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन देवरिया में सोमवार को कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच लिखित परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए अभ्यर्थियों की गहन तलाशी की गई, जिसमें जूते तक उतरवाकर जांच की गई।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने पूरे परीक्षा संचालन की लगातार निगरानी की। सुबह से ही परीक्षार्थी केंद्रों पर पहुंचने लगे और सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली पाली की परीक्षा संपन्न कराई गई। प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की जांच के बाद सघन तलाशी ली गई तथा जूते और बेल्ट हटवाए गए ताकि किसी भी तरह की प्रतिबंधित सामग्री अंदर न जा सके।
कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को जूते हाथ में लेकर परीक्षा कक्ष तक जाना पड़ा, जिससे यह व्यवस्था चर्चा का विषय बनी रही। परीक्षा से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन और आई स्कैनिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों ने बताया कि जांच प्रक्रिया में समय जरूर लगा, लेकिन इससे परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित हुई।
पहली पाली में जिले के 10 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 4,224 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। गोरखपुर, कुशीनगर और संतकबीरनगर सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार पहुंचे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी के साथ 409 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की नकल या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक और जोनल मजिस्ट्रेट सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौजूद रहे।
दो दिनों में आयोजित चार पालियों में 16,896 अभ्यर्थियों में से 13,511 ने परीक्षा दी, जबकि 3,385 अनुपस्थित रहे। शनिवार को 1,719 और रविवार को 1,666 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।











