नई दिल्ली, 28 मार्च
दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में AI शिखर सम्मेलन के दौरान 20 फरवरी को हुए शर्टलेस प्रदर्शन मामले में आरोपी राजीव कुमार को अग्रिम जमानत प्रदान की है। एडिशनल सेशंस जज अमित बंसल ने यह आदेश सुनाया।
कोर्ट ने राजीव कुमार को जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही दिल्ली पुलिस को कहा गया है कि अगर उन्हें गिरफ्तारी करनी पड़े तो कम से कम एक सप्ताह पहले नोटिस जारी किया जाए। सुनवाई के दौरान राजीव कुमार के वकील अमरीश रंजन पांडेय ने कोर्ट को बताया कि किसी पार्टी से जुड़ाव होने के कारण किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन का वीडियो बनाना किसी भी रूप में अपराध नहीं है।
इससे पहले 14 मार्च को कोर्ट ने राजीव कुमार को अंतरिम जमानत प्रदान की थी। दिल्ली पुलिस ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया था कि राजीव कुमार इस साजिश में शामिल था और उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया।
इस मामले में युवा कांग्रेस के नौ कार्यकर्ताओं को पहले ही जमानत मिल चुकी है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को भी 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत प्राप्त हुई थी, हालांकि उसी दिन सेशंस कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी थी। बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 मार्च को चिब की जमानत पर लगी रोक हटा दी। इसी तरह युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत दी गई थी।












