कील, 23 अप्रैल।
जर्मनी के कील शहर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टीकेएमएस के पनडुब्बी निर्माण संयंत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्हें अत्याधुनिक नौसैनिक तकनीक और क्षमताओं के बारे में जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस भी उनके साथ मौजूद थे। यह संयंत्र पनडुब्बी निर्माण में अत्यधिक दक्षता के लिए जाना जाता है।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर इस दौरे को "बहुत जानकारीपूर्ण" बताते हुए लिखा कि यहां प्रदर्शित तकनीक और ऑपरेशनल क्षमता अत्यधिक प्रभावशाली थी। उन्होंने कहा कि इस दौरे ने उन्हें पनडुब्बी निर्माण और समुद्री क्षेत्र में हो रहे नये विकास को नजदीक से समझने का अवसर दिया, जो वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
रक्षा मंत्री ने पनडुब्बी निर्माण यार्ड का निरीक्षण किया और वहां के अधिकारियों से महत्वपूर्ण चर्चाएं कीं। इस दौरान उन्हें पनडुब्बी निर्माण, डिजाइन, इंजीनियरिंग और तैनाती से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी मिली। उन्होंने इस दौरान कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें वे भारत और जर्मनी के अधिकारियों के साथ डॉकयार्ड में बातचीत करते हुए नजर आए।
इस दौरे के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा कि इस प्रकार के दौरे दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और अधिक सशक्त करेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और जर्मनी के रक्षा सहयोग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोनों देशों के बीच तकनीकी साझेदारी, मिलकर विकास करना और नौसैनिक ताकत बढ़ाना प्रमुख विषय बने हुए हैं।
भारत अपनी पनडुब्बी क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है और जर्मनी जैसे देशों के साथ सहयोग इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले, राजनाथ सिंह ने बर्लिन में अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस से मुलाकात की और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा की।



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