वाशिंगटन, 22 अप्रैल
अमेरिका ने इराक के लिए भेजी जाने वाली करीब 500 मिलियन डॉलर की नकद मुद्रा की खेप को रोक दिया है और बगदाद के साथ सुरक्षा सहयोग के कुछ हिस्सों को भी अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह कदम ईरान समर्थित मिलिशिया की गतिविधियों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, ऐसा इराकी सूत्रों ने बताया है।
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब ईरान के साथ जारी संघर्ष के प्रभाव से इराक भी तेजी से प्रभावित हो रहा है। इराक में ईरान समर्थित सशस्त्र समूह लगातार ड्रोन और रॉकेट हमले कर रहे हैं, जिनका निशाना अमेरिकी ठिकाने और पड़ोसी देश रहे हैं।
इसके जवाब में अमेरिका की ओर से भी इराक में सक्रिय कुछ सशस्त्र समूहों पर हमले किए गए हैं, जिससे प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी की सरकार पर संतुलन बनाए रखने का दबाव और बढ़ गया है।
बताया गया है कि यह निर्णय मुख्य रूप से 450 से 500 मिलियन डॉलर के उस नकद प्रवाह से जुड़ा है, जो समय-समय पर विमान के माध्यम से बगदाद भेजा जाता है। इस नकदी का उपयोग मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा की खुदरा मांग, यात्रा, चिकित्सा और विदेश में शिक्षा जैसी जरूरतों के लिए किया जाता है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक डॉलर ट्रांसफर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
इराकी केंद्रीय बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि नकद आपूर्ति रोकने की कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई है, लेकिन अप्रैल में आने वाली खेप नहीं पहुंची और मई की खेप को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
यह नकदी इराक के तेल राजस्व से जुड़ी व्यवस्था के तहत न्यूयॉर्क स्थित फेडरल रिजर्व के माध्यम से केंद्रीय बैंक तक पहुंचाई जाती है, जो 2003 के बाद से लागू प्रणाली का हिस्सा है।
विदेश मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका ने बगदाद को चेतावनी दी है कि वह ईरान समर्थित मिलिशिया पर नियंत्रण न कर पाने की स्थिति को अब स्वीकार नहीं करेगा। यह संदेश अमेरिकी हितों और खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को लेकर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सऊदी अरब, यूएई और कुवैत ने भी इराक को औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। वहीं अमेरिका ने इराक के साथ सैन्य और खुफिया सहयोग भी अस्थायी रूप से रोक दिया है, जिसमें संयुक्त बैठकें भी शामिल हैं।








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