शिमला, 27 मार्च।
हिमाचल प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम अचानक बदलने लगा है। विभाग ने 28, 29 और 30 मार्च को प्रदेश में वर्षा और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है। इन दिनों कुछ स्थानों में तेज हवा, आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी है। विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
शुक्रवार सुबह से ही शिमला और आसपास के इलाकों में घने बादल छाए रहे, जिससे तापमान गिरा और ठंड का असर बढ़ गया। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीती रात हल्की बर्फबारी हुई। लाहौल-स्पीति के केलांग क्षेत्र में ट्रेस बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आज भी कुछ जगहों पर हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना जताई है।
28 और 29 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पूरे प्रदेश में मौसम और अस्थिर रहने की संभावना है। 28 मार्च से यह विक्षोभ पूरी तरह सक्रिय होगा, जिससे निचले और मध्य पर्वतीय इलाकों में गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। विभाग ने इन तीन दिनों के लिए कुछ स्थानों में आंधी और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी किया है।
31 मार्च, 1 और 2 अप्रैल को भी मौसम अस्थिर रह सकता है, लेकिन इन दिनों के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 28 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका असर हिमाचल में दिखाई देगा।
मार्च समाप्त होने के बावजूद प्रदेश में ठंड का असर जारी है। जनजातीय क्षेत्रों में केलांग का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री, कल्पा 3.5 डिग्री और कुकुमसेरी 2.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शिमला में 11.8 डिग्री, मनाली में 7.1 डिग्री, धर्मशाला में 7.2 डिग्री, पालमपुर में 11.5 डिग्री, सोलन में 12.3 डिग्री और सुंदरनगर में 13.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। मैदानी क्षेत्रों में ऊना 16.5 डिग्री, कांगड़ा 14.6 डिग्री और बिलासपुर 15.5 डिग्री के तापमान के साथ ठंड बनी हुई है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में 0.4 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशन अभी भी ठंड के कारण गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जबकि मैदानी इलाकों में गर्मी का प्रभाव पूरी तरह नहीं दिख रहा है।












