पश्चिम बंगाल, 26 मई।
राज्य सरकार की ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की पात्रता सुनिश्चित करने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक कड़े मानदंडों के साथ शुरू कर दिया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी नवीनतम अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न जिलों में लाभार्थियों की सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुँच सके।
अधिसूचना के तहत उन परिवारों के दस्तावेजों और वर्तमान आवास स्थिति की सघन जांच की जाएगी, जिनके नाम पूर्व में अनंतिम सूची में दर्ज थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी आवेदक के पास पहले से पक्का मकान उपलब्ध है या वे योजना द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें सूची से बाहर कर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य किसी भी अपात्र आवेदक को हटाकर पात्र एवं वंचित परिवारों को अंतिम लाभार्थी सूची में प्राथमिकता के आधार पर शामिल करना है।
पात्रता के लिए मुख्य मापदंडों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, कच्चे घरों में निवास करने वाले परिवार और राज्य के स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। जिला प्रशासन और स्थानीय पंचायत स्तर पर सर्वे एवं भौतिक सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है।
अधिकारियों ने लाभार्थियों से आग्रह किया है कि वे सत्यापन प्रक्रिया के दौरान राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण, भूमि संबंधी दस्तावेज और [Aadhaar Redacted] जैसे आवश्यक पहचान पत्र तैयार रखें, ताकि सत्यापन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। पात्रता जांच पूरी होने के उपरांत सरकार द्वारा अंतिम लाभार्थी सूची का प्रकाशन किया जाएगा।














