कोलकाता, 26 मई।
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी में चुनावी परिणामों के बाद उपजा असंतोष अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगा है। इसी क्रम में राज्यसभा सांसद सुखेंदुशेखर राय द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक संकेतपूर्ण टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में नई बहस और अटकलों को जन्म दे दिया है।
सांसद ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर रोमन सम्राट जूलियस सीजर की हत्या का संदर्भ देते हुए एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने लिखा कि वर्ष 44 ईसा पूर्व में सीजर की सीनेट के भीतर हत्या कर दी गई थी, जिसे 'आइड्स' के नाम से जाना जाता है। सांसद ने अपनी टिप्पणी में आगे कहा कि इस वर्ष मई के 'आइड्स' आने से पूर्व ही पश्चिम बंगाल की जनता ने राज्य में व्याप्त "असहनीय अराजक स्थिति" का अंत कर दिया है।
इस पोस्ट के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सांसद ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके इस बयान को पार्टी नेतृत्व के प्रति असंतोष और आंतरिक मतभेदों के तौर पर भी देखा जा रहा है। ज्ञात हो कि चुनावी पराजय के बाद पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नेतृत्व की कार्यशैली और पार्टी संचालन के तरीकों पर मुखर होकर सवाल उठा चुके हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी की आधिकारिक लाइन से इतर बयानबाजी करने वाले कई नेताओं पर नेतृत्व द्वारा पहले भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि, सुखेंदुशेखर राय जैसे वरिष्ठ नेता का इस तरह का रुख पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी वे विभिन्न संवेदनशील मुद्दों पर पार्टी के आधिकारिक रुख से हटकर अपनी राय रखते रहे हैं, जिसके चलते उन्हें शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी का सामना करना पड़ा था।
फिलहाल, इस पोस्ट ने सत्ताधारी दल के भीतर मौजूद अंतर्कलह को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। विपक्ष ने भी इस टिप्पणी को आधार बनाकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं।















