लखनऊ, 27 मई।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विस्तार को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का प्रत्यक्ष लाभ आम जनमानस तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में उपचार, जांच, दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का लक्ष्य केवल संस्थानों का विस्तार करना नहीं, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित चिकित्सक, विशेषज्ञ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ फैकल्टी और अनुसंधान (Research) गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
प्रमुख बिंदु:
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आयुष्मान योजना: योजना के तहत अब तक 96.75 लाख से अधिक नि:शुल्क उपचार किए गए हैं। क्लेम दावों का तय समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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डिजिटल मिशन: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत 15.28 करोड़ से अधिक आभा (ABHA) आईडी बनाई जा चुकी हैं और 15.14 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड लिंक किए गए हैं।
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बुनियादी ढांचा: गोरखपुर, अयोध्या, सहारनपुर और कानपुर सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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आपातकालीन सेवाएं: 108 एम्बुलेंस सेवा और एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस के रिस्पॉन्स टाइम को कम करने पर जोर दिया गया है।
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गुणवत्ता नियंत्रण: अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कड़े निर्देश दिए गए, साथ ही तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाओं के स्थान पर नई दवाओं की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।
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अनुसंधान एवं नवाचार: प्रदेश में चिकित्सा अनुसंधान और मेडटेक क्षेत्र में लगभग 1500 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया गतिमान है।
मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव व्यवस्था को सुदृढ़ करने, संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाने तथा संचारी रोग नियंत्रण व टीबी उन्मूलन अभियान को एक 'जनआंदोलन' के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता का समागम होना अनिवार्य है, ताकि आमजन का भरोसा और अधिक मजबूत हो सके।














