वाराणसी, 25 मई।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और रूस की नॉर्दर्न स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के मध्य शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक सहयोग को और अधिक सशक्त बनाना है। यह करार भविष्य में संयुक्त शोध और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और दोनों संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बीएचयू की तरफ से कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह और रूसी विश्वविद्यालय की ओर से कार्यवाहक रेक्टर बाइलोवा एन. ए. ने औपचारिक रूप से एमओयू पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय के अनुसार, अब दोनों संस्थान विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों और तकनीकी कर्मियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देंगे।
इस साझेदारी के तहत संयुक्त शोध परियोजनाओं, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक परामर्श के साथ-साथ शैक्षणिक विनिमय कार्यक्रमों और सूचना संसाधनों के साझा उपयोग पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। संस्थान भविष्य में पारस्परिक हितों के अन्य नए क्षेत्रों में भी साझेदारी की संभावनाएं तलाशेंगे। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने इस समझौते को सहयोग और सहभागिता का एक नया पड़ाव बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम विकसित करने का आह्वान किया ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।
कुलपति ने आगे कहा कि रूसी विश्वविद्यालय की उन्नत विज्ञान और चिकित्सा सुविधाएं भारतीय छात्रों के लिए बेहद मददगार साबित होंगी। वहीं, नॉर्दर्न स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी की डीन नतालिया अनीकिना ने कहा कि यह जुड़ाव दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और शिक्षकों के लिए उत्कृष्टता के नए रास्ते खोलेगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि वर्तमान में उनके विश्वविद्यालय में लगभग 1,500 भारतीय विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और वहां विश्वस्तरीय अनुसंधान की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समन्वयक प्रो. राजेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।















