भोपाल, 25 मई ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में मध्यप्रदेश की दो विभूतियों कैलाश चन्द्र पन्त और डॉ. नारायण व्यास को पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया। इस अवसर पर देशभर की विभिन्न हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों विभूतियों को पद्मश्री मिलने पर बधाई देते हुए कहा कि उनके उत्कृष्ट कार्यों, रचनात्मक लेखन और दीर्घकालीन शोध सेवाओं ने मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि दोनों का योगदान समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कैलाश चन्द्र पन्त भोपाल के वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार और सांस्कृतिक चिंतक हैं, जिन्हें शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। इंदौर के महू में जन्मे पन्त ने पत्रकारिता को जीवन का मिशन बनाया और सरकारी नौकरी का विकल्प छोड़कर लंबे समय तक हिंदी साप्ताहिक ‘जनधर्म’ का संपादन किया। उनके कार्यों ने हिंदी पत्रकारिता और बौद्धिक विमर्श को नई दिशा दी।
वहीं डॉ. नारायण व्यास उज्जैन निवासी हैं और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं। उन्हें पुरातत्व के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पद्मश्री प्रदान किया गया है। उन्होंने भीमबेटका और सांची जैसे यूनेस्को धरोहर स्थलों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाई है। उन्हें मध्य भारत की शैलचित्र कला का विशेषज्ञ माना जाता है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने शोध कार्य जारी रखा और अनेक पुस्तकें लिखकर युवाओं को पुरातत्व के प्रति जागरूक किया। दोनों विभूतियां वर्तमान में भोपाल में निवास करती हैं और उनके कार्यों को प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।




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