सीवान, 25 मई।
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक एवं प्रयोगात्मक विज्ञान शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से देवेशकांत सिंह ने नारायण कर्मयोगी हाई स्कूल गोरेयाकोठी में विज्ञान लैब निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के अंतर्गत गोरेयाकोठी प्रखंड के 10 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है और विज्ञान लैब की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। प्रत्येक विद्यालय में लैब निर्माण पर 14 लाख 70 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि पूरे प्रोजेक्ट पर कुल 1 करोड़ 47 लाख 50 हजार रुपये की लागत आएगी।
उन्होंने कहा कि आज के समय में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रयोगात्मक शिक्षा भी उतनी ही आवश्यक है, जिससे विद्यार्थियों को प्रयोग आधारित सीखने का अवसर मिलेगा और उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं अनुसंधान क्षमता विकसित होगी।
विधायक ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, केवल उन्हें उचित संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिसके लिए सरकार लगातार स्कूलों में भवन, प्रयोगशाला, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं का विस्तार कर रही है।
जिन विद्यालयों में विज्ञान लैब स्थापित की जाएगी उनमें सरारी दक्षिण, नारायण कर्मयोगी उच्च विद्यालय गोरेयाकोठी, हरपुर, तप्पी प्रसाद हाई स्कूल सह इंटर कॉलेज भिठ्ठी, प्रेमचंद हाई स्कूल सरारी, गोपालजी प्रसाद उच्च विद्यालय सानी बसंतपुर, सादिकपुर, जामो, सैदपुरा तथा लालपरी देवी प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल सह इंटर कॉलेज शामिल हैं।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा और उनकी शैक्षणिक क्षमता मजबूत होगी।
इस अवसर पर भाजपा जिला प्रभारी प्रदीप कुमार रोज, मंडल अध्यक्ष देवेंद्र गिरि, त्रिभुवन सिंह, प्रभुनाथ सिंह, मोहन कुमार, रंजीत दीक्षित, प्रमोद गिरि, उमेश तिवारी, भिखारी सिंह, मनोज मिश्रा और ठाकुर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।















