कोलकाता, 30 मई ।
पश्चिम बंगाल में आवास योजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में बसीरहाट नगरपालिका के वार्ड संख्या 21 के तृणमूल कांग्रेस पार्षद गोपाल दास को शुक्रवार रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिससे स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
आरोप है कि पार्षद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने का आश्वासन देकर कई लोगों से लाखों रुपये की वसूली की, जबकि कई लाभार्थियों को भुगतान करने के बावजूद योजना का लाभ नहीं मिल सका, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पहले उनके आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया तथा बाद में थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कई लोगों से आवास योजना के नाम पर धन वसूले जाने की आशंका जताई जा रही है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, गोपाल दास के खिलाफ इससे पहले भी विभिन्न आरोप सामने आते रहे हैं। बताया जाता है कि वे कथित रूप से पहले अवैध तरीके से देश में आए थे और बाद में राजनीतिक संपर्कों के जरिए पहचान दस्तावेज तैयार कराने के आरोप भी उन पर लगते रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि उन्होंने पहले विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़कर चुनावी राजनीति में प्रवेश किया और बाद में तृणमूल कांग्रेस से जुड़कर लगातार पार्षद पद हासिल किया। इसके साथ ही उन पर नगरपालिका के विकास कार्यों में ठेकेदारों से अवैध वसूली और योजनाओं में लाभ दिलाने के नाम पर कथित कटमनी लेने के आरोप भी लगते रहे हैं।
पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आवास योजना के नाम पर कुल कितने लोगों से धन वसूला गया तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्रीय राजनीति में तनाव और बहस तेज हो गई है, जबकि विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।














