जबलपुर, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कैंसर से पीड़ित एक सरकारी कर्मचारी के तबादले पर अंतरिम रोक लगाते हुए उसे राहत प्रदान की है। न्यायालय ने कहा कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ निर्णय लेना चाहिए।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह कैंसर का उपचार करा रहा है और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ होने के कारण उसका नियमित इलाज वहीं चल रहा है। ऐसे में स्थानांतरण होने से उपचार प्रभावित होने के साथ मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कठिनाइयां बढ़ने की आशंका है।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि गंभीर रूप से बीमार कर्मचारियों पर अनावश्यक प्रशासनिक दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में कर्मचारी की मेडिकल रिपोर्ट और उपचार संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
न्यायालय ने तबादला आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि कर्मचारी की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय दस्तावेजों का परीक्षण कर मामले पर सहानुभूतिपूर्वक नए सिरे से निर्णय लिया जाए।
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक निर्णय लेते समय नियमों के पालन के साथ मानवीय संवेदनाओं की भी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। अदालत की इस टिप्पणी को गंभीर बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों के मामलों में अधिक संवेदनशील रवैया अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

















