नई दिल्ली, 27 जुलाई।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने पंजाब में कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कथित फार्मेसी अफसर भर्ती मामले की जांच सीबीआई से कराने की भी मांग उठाई।
सोमवार को जारी बयान में चुग ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली में सामने आ रही अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में कथित रूप से सक्रिय परीक्षा माफिया को संरक्षण मिल रहा है और इससे सरकारी भर्ती व्यवस्था प्रभावित हुई है।
भाजपा नेता ने कहा कि 19 जुलाई को फरीदकोट, कोटकपूरा और फिरोजपुर के 25 परीक्षा केंद्रों पर 454 फार्मेसी अफसर पदों के लिए करीब सात हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। उनके अनुसार, जांच में परीक्षा के दौरान कथित रूप से पेन कैमरा, ईयरपीस और वायरलेस उपकरणों के जरिए नकल कराने वाले गिरोह की गतिविधियां सामने आई हैं।
उन्होंने दावा किया कि अब तक 28 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है, सात कथित मुख्य आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं और 27 वायरलेस उपकरण बरामद हुए हैं। चुग के अनुसार, शुरुआती जांच में प्रश्नपत्र की तस्वीरें परीक्षा केंद्र से बाहर भेजे जाने और उनके समाधान के बाद उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की बात सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से सफलता का भरोसा दिलाकर 3.5 लाख रुपये से 13 लाख रुपये तक वसूले गए।
तरुण चुग ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब में विभिन्न भर्ती और बोर्ड परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आबकारी एवं कराधान निरीक्षक भर्ती से जुड़े मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। चुग ने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सभी मामलों की जांच उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने और सरकार से युवाओं के समक्ष स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

















