भोपाल, 27 जुलाई।
मध्य प्रदेश में श्रमिकों की सुरक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और सुरक्षित कार्यस्थलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा 'श्रम प्रहरी' अभियान संचालित किया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और श्रमिक हितों की रक्षा में सहयोग करने की अपील की है।
अभियान के तहत लोगों से आग्रह किया गया है कि यदि उनके आसपास कोई अपंजीकृत कारखाना, अवैध औद्योगिक इकाई, असुरक्षित कार्यस्थल या बाल श्रम से जुड़ा मामला दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग को दें। विभाग का कहना है कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
श्रम विभाग ने बताया कि नागरिक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा श्रमिक हेल्पलाइन 1800-233-8888 पर भी सूचना दी जा सकती है। अभियान का उद्देश्य जनसहभागिता के माध्यम से श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को मजबूत करना और सुरक्षित कार्यस्थलों का निर्माण सुनिश्चित करना है।
विभाग के अनुसार, 'श्रम प्रहरी' केवल सूचना देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सहभागी एक जिम्मेदार नागरिक है। श्रमिकों के हितों, सुरक्षित कार्यस्थलों और श्रम अधिकारों के प्रति जागरूक प्रत्येक नागरिक इस अभियान का हिस्सा बन सकता है।
अभियान का विशेष फोकस बाल श्रम उन्मूलन पर भी है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी निर्माण स्थल, औद्योगिक इकाई या अन्य कार्यस्थल पर बाल श्रमिक कार्य करते हुए दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल दें, ताकि संबंधित बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जोड़ा जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन अपराध है।

















