काठमांडू, 27 मई।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में काफी समय से चल रहा गतिरोध अब समाप्ति की ओर है। विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के बीच सत्ता पक्ष राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने सदन में आश्वासन दिया है कि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह एक सप्ताह के भीतर संसद में उपस्थित होंगे। इससे संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
आरएसपी के मुख्य सचेतक कवीन्द्र बुरलाकोटी ने प्रतिनिधि सभा की दूसरी बैठक में यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति से सदन में कामकाज का सकारात्मक माहौल बनेगा। इससे पहले विपक्षी दल यूएमएल की उपनेता पद्मा अर्याल ने सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यव्यवस्था परामर्श समिति की बैठक में बनी सहमति के बावजूद सरकार ने अपना पक्ष रखने में ढिलाई बरती है। उन्होंने दो टूक कहा कि संसद किसी भी सरकार के गुणगान का स्थान नहीं है।
विपक्ष की ओर से अन्य सांसदों ने भी स्पीकर के समक्ष प्रधानमंत्री की सदन में अनिवार्य उपस्थिति की मांग जोर-शोर से उठाई। इस पर स्पीकर डीपी अर्याल ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सांसदों से सदन के कामकाज को सुचारु बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति सुनिश्चित करने को लेकर सत्ता पक्ष की ओर से उन्हें आवश्यक सूचना मिल गई है।
स्पीकर की इस अपील और आश्वासन के बाद विपक्षी सांसदों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया। गतिरोध खत्म होने के उपरांत सदन में प्रस्तुत विधेयकों पर चर्चा आरंभ हुई और सांसदों ने इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया।










