भोपाल, 28 मई।
एयरपोर्ट रोड स्थित आरजीपीवी के एक हॉस्टल में पानी की गंभीर कमी और बिजली आपूर्ति की लगातार समस्या को लेकर छात्रों में नाराजगी बढ़ गई, जिसके चलते बुधवार शाम करीब 6 बजे उन्होंने मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर दिया।
छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में पीने के पानी की व्यवस्था पूरी तरह बाधित है और पिछले दो से तीन दिनों से उन्हें नहाने तक के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
चंद्रशेखर हॉस्टल के छात्रों ने मुख्य द्वार को जाम कर दिया और आरोप लगाया कि गर्मी के मौसम में भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
छात्र आर्यमन देशमुख ने बताया कि परीक्षा के समय में भी पानी और बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है और बार-बार शिकायत के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला, जिससे वे आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं।
छात्रों ने यह भी बताया कि समस्या केवल इसी हॉस्टल तक सीमित नहीं है बल्कि बालिका छात्रावास में भी पानी और बिजली की दिक्कत बनी हुई है, जहां छात्राओं ने पहले भी विरोध दर्ज कराया था लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शाम करीब 4 बजे बड़ी संख्या में छात्र मुख्य गेट पर एकत्र हो गए, जिससे परिसर में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई और कई बसें अंदर प्रवेश नहीं कर सकीं।
छात्रों के अनुसार पिछले डेढ़ से दो महीने से हॉस्टल में पानी की गंभीर किल्लत बनी हुई है और करीब 250 छात्र इससे सबसे अधिक प्रभावित हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
आरोप है कि प्रशासन केवल टैंकर भेजने की बात कहता है, लेकिन वास्तविकता में कभी-कभार ही देर रात पानी की आपूर्ति की जाती है, जिससे व्यवस्था औपचारिकता बनकर रह गई है।
एक छात्र ने बताया कि एक दिन सुबह से दोपहर 2 बजे तक पानी नहीं आने से कई छात्र शौचालय में फंस गए और बाद में कुछ मिनट के लिए ही पानी उपलब्ध कराया गया।
छात्रों का कहना है कि अन्य हॉस्टलों और विभागों में भी पानी की समस्या बनी हुई है, जहां सैकड़ों छात्रों के लिए एक ही वाटर कूलर उपलब्ध है और कई स्थानों पर टॉयलेट तथा कूलर सूखे पड़े हैं।
अंत में आक्रोशित छात्रों ने बाल्टी और डिब्बों के साथ सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर व्यवस्था सुधारने का लिखित आश्वासन दिया।









