न्यूयॉर्क, 29 मई।
अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक विमानन यात्री मांग पर पड़ा है और अप्रैल 2026 में इसमें 3.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा गतिविधियों में मंदी देखी गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर के आधार पर कुल मांग पिछले वर्ष अप्रैल की तुलना में 3.4 प्रतिशत घटी है, हालांकि मध्य पूर्व क्षेत्र को छोड़कर वैश्विक मांग में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे अन्य क्षेत्रों में कुछ स्थिरता बनी रही है।
कुल उपलब्ध सीट क्षमता में 2.9 प्रतिशत की सालाना गिरावट देखी गई, जबकि औसत लोड फैक्टर 83.1 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.4 प्रतिशत कम है, वहीं अंतरराष्ट्रीय यात्री मांग में 5.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि मध्य पूर्व को छोड़कर इसमें 1.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
घरेलू स्तर पर यात्री मांग लगभग स्थिर रही, जबकि सीट क्षमता में 0.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई और लोड फैक्टर 81.9 प्रतिशत पर आकर 0.7 प्रतिशत कम हो गया, जिससे घरेलू विमानन क्षेत्र में भी मिश्रित रुझान सामने आए हैं।
आईएटीए महानिदेशक के अनुसार मध्य पूर्व में युद्ध और तनाव के कारण एयरलाइनों की मांग में 46.6 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कुल मांग प्रभावित हुई है, साथ ही जेट ईंधन की कीमतें दोगुनी होने से हवाई किराए बढ़ने और उड़ानों की उपलब्धता कम होने की स्थिति बनी है।
एशिया प्रशांत क्षेत्र में तीन प्रतिशत की वृद्धि, यूरोप में 0.9 प्रतिशत की वृद्धि और अफ्रीका व लैटिन अमेरिका में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि मध्य पूर्वी एयरलाइनों में सबसे तेज गिरावट देखने को मिली है, और घरेलू बाजारों में चीन और जापान को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में लोड फैक्टर में कमी दर्ज की गई है।











