सीधी, 01 जून।
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के वनांचल क्षेत्र में रविवार देर रात जंगली हाथियों के हमले में एक बुजुर्ग दंपति की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना ग्राम पंचायत गाजर के चिनगी गांव में हुई, जहां हाथियों के झुंड ने कच्चे मकान को निशाना बनाते हुए उसमें सो रहे दंपति को कुचल दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया।
जानकारी के अनुसार रात लगभग 2 बजे हाथियों का झुंड अचानक चिनगी गांव पहुंचा। गांव के बाहरी हिस्से में स्थित कच्चे मकान में भैयालाल यादव (60) और उनकी पत्नी तिलिया यादव (58) सो रहे थे। इसी दौरान हाथियों ने मकान को चारों ओर से घेर लिया और दीवारें तोड़कर भीतर प्रवेश कर गए, जिससे दंपति संभल नहीं पाए और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
हादसे की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया, उनका कहना था कि यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है और लगातार खतरे के बावजूद विस्थापन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि वन क्षेत्र में बसे कई परिवार पहले ही विस्थापित किए जा चुके हैं, लेकिन लगभग 40 परिवार अब भी इसी क्षेत्र में रह रहे हैं और लगातार खतरे का सामना कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बार-बार आवेदन देने के बावजूद न तो पुनर्वास हुआ और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए।
ग्रामीणों के अनुसार विस्थापन पैकेज पहले प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये था, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया गया, लेकिन इसके बावजूद कई परिवार योजना से वंचित हैं। वे तत्काल पुनर्वास और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
घटना की सूचना पर पुलिस, राजस्व और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच और नियमानुसार सहायता देने का आश्वासन दिया है।
सीधी और आसपास के वन क्षेत्रों में हाथियों की बढ़ती आवाजाही के कारण लगातार मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।













