देवास, 13 जून।
मध्य प्रदेश के देवास जिले के कमलापुर बीट अंतर्गत भीलआमला गांव में शनिवार को वन भूमि से अतिक्रमण हटाने गए वन विभाग के अमले पर ग्रामीणों ने हिंसक हमला कर दिया। इस घटना में करीब 100 से अधिक लोगों की भीड़ ने वनकर्मियों को चारों तरफ से घेरकर पथराव किया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी चोटिल हो गए हैं।
वन विभाग की टीम शनिवार सुबह करीब 11 बजे कक्ष क्रमांक-94 में अवैध कब्जे को हटाने के लिए पहुंची थी। इस अभियान के लिए पांच वन परिक्षेत्रों के स्टाफ के साथ पुलिस बल और जेसीबी मशीनें भी तैनात की गई थीं। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आक्रोशित भीड़ ने वनकर्मियों पर पथराव कर दिया, जिससे बचने के लिए कई कर्मचारियों को जान बचाकर खेतों के रास्ते सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा।
हमले के दौरान भीड़ ने वन विभाग के वाहनों के शीशे तोड़ दिए और मौके पर मौजूद जेसीबी मशीन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। यहाँ तक कि अवैध अतिक्रमण की निगरानी के लिए उपयोग किए जा रहे ड्रोन को भी हमलावरों ने जमीन पर गिराकर नष्ट कर दिया। इस हमले में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज ढाढे और परिक्षेत्र सहायक के.के. परमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए कमलापुर स्वास्थ्य केंद्र और चापड़ा के आरआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कमलापुर थाना प्रभारी सर्जन सिंह मीणा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस टीम घायलों के बयान दर्ज कर रही है और घटनास्थल के वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों द्वारा ग्रामीणों को पहले से उकसाया गया था, जिसके चलते मामला हिंसक हो गया। प्रशासन ने इसे सरकारी कार्य में बाधा और गंभीर अपराध मानते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
















