भोपाल, 12 जून।
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों को अभी कुछ और दिन राहत के लिए इंतजार करना होगा। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन में 3 से 4 दिन की देरी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के 17 से 18 जून के बीच प्रदेश के दक्षिणी जिलों में दस्तक देने के आसार हैं। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अगले 10 से 15 दिनों में यह पूरे राज्य को कवर कर लेगा।
मानसून की आहट से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय हैं। शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार हैं, जिसमें हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
हालांकि, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिलों के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिसके चलते इन इलाकों में गर्मी का असर बरकरार रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर में आधा इंच वर्षा दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में वृद्धि भी देखी गई। खजुराहो और नौगांव में पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के पूर्वी हिस्से से गुजर रही ट्रफ लाइन और ऊपरी हवा में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में लगातार बदलाव हो रहे हैं। कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में आगे बढ़ने के बाद अब मानसून की निगाहें मध्य प्रदेश पर टिकी हैं।










