नागपुर, 13 जून।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर शहर और जिले को हरित शहर के रूप में विकसित करने के लिए 25 लाख पौधे लगाने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और विभिन्न समूहों की सहभागिता से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और संरक्षण अभियान संचालित किया जाएगा।
केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को लेकर आयोजित पत्रकार वार्ता में गडकरी ने बताया कि नागपुर के रिमोट सेंसिंग सेंटर की मदद से राजस्व और वन विभाग राज्य के सभी जिलों एवं तालुकों की मैपिंग करेगा। जिन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है, उनकी पहचान कर उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। इस अवसर पर महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 58 करोड़ से अधिक खाते खोले गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के 60 करोड़ लाभार्थी हैं और उज्ज्वला योजना के माध्यम से 11 करोड़ गैस कनेक्शन वितरित किए गए हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के अंतर्गत 57 करोड़ लाभार्थियों को लगभग 35 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है, जिससे छोटे व्यापारियों और पथ विक्रेताओं को लाभ मिला है। वहीं स्टार्टअप इंडिया के तहत 1.6 लाख स्टार्टअप और 118 यूनिकॉर्न तैयार हुए हैं। स्किल इंडिया मिशन के माध्यम से 5 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
नागपुर में चल रही विकास परियोजनाओं की जानकारी देते हुए गडकरी ने कहा कि शहर के प्रमुख बाजारों के आधुनिकीकरण पर कार्य जारी है। इनमें कॉटन मार्केट, इतवारी बाजार, दही बाजार, संत्रा मार्केट, नेताजी मार्केट, कमाल चौक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बुधवार बाजार, महाल पुनर्विकास और सक्करदरा बुधवार बाजार परियोजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दाभा स्थित एग्रो कन्वेंशन सेंटर, सोक्ता भवन, मोर भवन और गणेशपेठ बस स्टैंड के पुनर्विकास कार्य भी प्रगति पर हैं। नागपुर मेट्रो के दूसरे चरण का काम जारी है और तीसरे चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।
गडकरी ने कहा कि शहर में ऑक्सीजन पार्क, बर्ड पार्क, एम्स, आईआईएम, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, ट्रिपल आईटी, कर्मचारी राज्य बीमा अस्पताल, दीक्षाभूमि पुनर्विकास परियोजना, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया केंद्र और मदर डेयरी परियोजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य हो रहा है।
रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने देशभर में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना शुरू की है। जनवरी 2025 में घोषित नीति के अनुसार 1600 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनमें 24 केंद्र शुरू हो चुके हैं और 112 केंद्रों पर कार्य जारी है। अब तक 10 लाख लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। योजना पूरी तरह लागू होने पर हर वर्ष करीब 1.15 करोड़ लोगों को चालक प्रशिक्षण मिलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नागपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग साढ़े तीन घंटे रह जाएगा। साथ ही इंदोरा-दिघोरी फ्लाईओवर का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है और इसे 1 अगस्त 2026 तक यातायात के लिए शुरू किए जाने की तैयारी है।















