अशोकनगर, 13 जून।
मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में एक नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) मुंगावली ने शनिवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपित नंदकिशोर यादव को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को उसके शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
यह मामला थाना सेहराई क्षेत्र का है, जिसमें आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(जे) सहपठित धारा 6 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयान और फॉरेंसिक रिपोर्ट का परीक्षण किया।
अभियोजन के अनुसार पुलिस ने मामले की जांच वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की थी। जांच के दौरान एकत्रित प्रमाणों और अन्य साक्ष्यों को अदालत में पेश किया गया, जिनके आधार पर आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप सिद्ध हो गए।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों में कठोर दंड आवश्यक है, ताकि समाज में ऐसा अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश जाए। इसी आधार पर दोषी को जीवन के शेष प्राकृतिक काल तक कारावास की सजा सुनाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में प्रभावी अनुसंधान और मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने के कारण यह निर्णय संभव हो सका है। इस फैसले को पॉक्सो कानून के तहत गंभीर अपराधों में सख्त दंड सुनिश्चित करने वाले महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।















