भोपाल, 4 जून।
वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम के तहत राजस्व सुरक्षा को लेकर वाणिज्यिक कर विभाग ने बकाया कर न चुकाने वाले बड़े डिफॉल्टर्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग द्वारा वसूली के लिए कई वैधानिक कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें अचल संपत्तियों की कुर्की जैसी कार्रवाई शामिल है।
विभाग की सख्ती के बाद अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए कई बकायेदार फर्मों ने स्वयं आगे आकर अपना बकाया कर जमा करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में भोपाल की तीन बड़ी फर्मों ने कुल 91 लाख रुपये का टैक्स भुगतान किया है।
इनमें मेसर्स सिग्मा इंफोटेक ने 44 लाख रुपये, मेसर्स ग्लोबल इंफ्रा प्रोजेक्ट ने 25 लाख रुपये तथा मेसर्स काकड़ा रोलिंग मिल्स ने 22 लाख रुपये की राशि जमा की है। विभागीय कार्रवाई के बाद इन फर्मों ने बकाया कर का भुगतान किया।
वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राजस्व सुरक्षा और शत-प्रतिशत कर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे समय पर अपने कर दायित्वों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई, जुर्माने या संपत्ति कुर्की से बचा जा सके।






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