नई दिल्ली, 02 जून ।
प्रवर्तन निदेशालय ने मध्यप्रदेश के अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया और उनके परिवार से जुड़ी लगभग 18.20 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में नकदी, आभूषण, बहुमूल्य धातुएं तथा विभिन्न अचल संपत्तियां शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, यह जांच इंदौर लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना द्वारा दर्ज प्रकरण के आधार पर शुरू की गई थी। मामले में धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए थे।
जांच में सामने आया कि वर्ष 1987 से 31 अगस्त 2025 तक की अवधि में भदौरिया की वैध आय लगभग दो करोड़ रुपये थी। इसके विपरीत उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने करीब 11.18 करोड़ रुपये की संपत्तियां अर्जित कीं और विभिन्न मदों में खर्च किया। जांच एजेंसी के अनुसार लगभग 9.18 करोड़ रुपये की संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई गई, जो उनकी वैध आय की तुलना में करीब 459 प्रतिशत अधिक है।
लोकायुक्त की तलाशी कार्रवाई के दौरान विभिन्न परिसरों और बैंक लॉकरों से बड़ी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण, बुलियन, चांदी के सामान तथा अन्य मूल्यवान वस्तुएं बरामद की गई थीं। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान भदौरिया ने नकदी और आभूषणों पर स्वामित्व स्वीकार किया, लेकिन उनके स्रोत के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके।
जांच एजेंसी को पड़ताल के दौरान कई उच्च मूल्य की चल और अचल संपत्तियों की जानकारी भी मिली। इन संपत्तियों की खरीद में उपयोग की गई धनराशि के स्रोत का स्पष्ट और विश्वसनीय विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। ईडी की जांच में कुल 18.20 करोड़ रुपये की कथित अनुपातहीन संपत्तियों का पता चला है।
ईडी ने बताया कि अपराध से अर्जित आय को छिपाने, स्थानांतरित करने या बेचने की आशंका को देखते हुए इन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। साथ ही मामले से संबंधित जानकारी नियमानुसार लोकायुक्त को भी साझा की जा रही है। एजेंसी ने कहा है कि प्रकरण में आगे की जांच जारी है।










