नई दिल्ली, 03 जून ।
केंद्र सरकार ने बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक ईंधन कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के मद्देनजर विमानन कंपनियों को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 10 हजार करोड़ रुपये के एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण कोष को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य एयरलाइंस और यात्रियों को ईंधन कीमतों के झटकों से सुरक्षित रखना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसके तहत तेल विपणन कंपनियों को 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का एकमुश्त बजटीय सहयोग देने की स्वीकृति दी गई है। यह सहयोग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए विमान ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि यह राशि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अनुदान मांगों के माध्यम से तेल विपणन कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम के रूप में प्रदान की जाएगी। इससे कंपनियां विमानन टर्बाइन ईंधन की कीमतों में अचानक होने वाले बदलावों को नियंत्रित कर सकेंगी।
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ईंधन बाजार में बढ़ी अस्थिरता को देखते हुए यह कदम आवश्यक था, जिससे विमानन क्षेत्र की स्थिरता बनी रहे और यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।











