देहरादून, 05 जून।
उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस के जरिए अवैध हथियारों का खेल चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए काशीपुर क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 कारतूस और तीन कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।
एसटीएफ पिछले दो महीनों से बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में ट्रांसफर हुए शस्त्र लाइसेंसों की बारीकी से जांच कर रही थी। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि नौशाद हुसैन समेत 10 लोगों ने उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से जारी लाइसेंस दिखाकर काशीपुर के गन हाउस से हथियार खरीदे थे। जब शाहजहांपुर प्रशासन से इन दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया, तो खुलासा हुआ कि संबंधित व्यक्तियों के नाम पर कोई लाइसेंस जारी ही नहीं हुआ था। जिन नंबरों का इस्तेमाल किया गया, वे असल में दूसरे लोगों के नाम पर दर्ज थे। इस आधार पर काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना के दौरान गुरुवार देर रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर नौशाद हुसैन, जतिन कांडपाल और अजीम नामक तीनों आरोपियों को दबोच लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) अजय सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों से आए हजारों लाइसेंसों की जांच का अभियान अभी जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा हैं, इसलिए पुलिस ऐसे मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्रवाई कर रही है।
एसटीएफ ने जनता से भी सहयोग की अपील की है। विभाग ने कहा है कि यदि किसी के पास फर्जी या संदिग्ध लाइसेंस से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वे तत्काल पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।









