देहरादून, 05 जून।
प्रदेश के विद्यालयों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। श्रीनगर में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने राज्य के सभी स्कूलों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड की इकाइयों का अनिवार्य गठन करने को कहा, ताकि छात्र अनुशासन और नेतृत्व के गुण सीख सकें।
मंत्री ने प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट दर को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक ठोस कार्ययोजना बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी शिक्षा देने के लिए कृतसंकल्प है, जिसके तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, ड्रेस, जूते और साइकिल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं ताकि आर्थिक तंगी किसी की पढ़ाई में बाधा न बने।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने डिजिटल शिक्षा के प्रसार और मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना को हर पात्र छात्र तक पहुँचाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों के उच्चीकरण, डी-श्रेणी स्कूलों के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने और शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। उन्होंने अटल उत्कृष्ट और क्लस्टर विद्यालयों में फर्नीचर, बिजली, पानी और कंप्यूटर लैब जैसी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इस बैठक में शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गढ़वाल मंडल के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।












