हरिद्वार, 12 जून।
अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कथित ऑडियो क्लिप मामले में पूर्व विधायक सुरेश राठौर के दावों पर अब तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। श्री गुरु रविदास विश्वमहापीठ के पदाधिकारियों ने एक पत्रकार वार्ता में सुरेश राठौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद दुष्यंत गौतम की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास किया है।
राज्यमंत्री देशराज कर्णवाल ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि उच्च न्यायालय द्वारा सुरेश राठौर पर दर्ज मुकदमों को खारिज नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने मुकदमों में समान धाराओं के कारण उन्हें आपस में मर्ज करने का निर्देश दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच जारी रखने को कहा है। मंत्री के अनुसार, न्यायालय ने अंतरिम संरक्षण आदेश को निरस्त कर पुलिस को विधिक कार्रवाई आगे बढ़ाने की खुली छूट दी है।
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सुरेश राठौर द्वारा पूर्व में सार्वजनिक माफी मांगना यह साबित करता है कि उनके आरोप आधारहीन थे। संस्था ने कहा कि राठौर और गौतम के बीच व्यक्तिगत राजनीतिक मतभेद ही इस पूरे प्रकरण की जड़ हैं, जिसे अब राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
पत्रकार वार्ता में संस्था ने राज्य पुलिस से मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। साथ ही दावा किया कि उच्च न्यायालय ने सुरक्षा संबंधी पहलुओं को संज्ञान में लेते हुए डीजीपी और देहरादून के एसएसपी को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान संस्था के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।













