भोपाल, 01 अप्रैल। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने निर्देश दिए हैं कि मानसून से पहले वितरण ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाइनों के मेंटिनेंस कार्यों का निरीक्षण एसई और सीई स्तर के अधिकारी नियमित रूप से करें। उन्होंने कहा कि यदि मेंटिनेंस कार्य सही ढंग से होगा तो ट्रिपिंग की समस्या में कमी आएगी और बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी।
मंत्री तोमर ने यह निर्देश मंत्रालय में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेंटिनेंस कार्यों में उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी सामग्री के उपयोग से पहले उसका प्रयोगशाला में परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि समाधान योजना की अवधि अब 15 मई तक बढ़ा दी गई है, इसलिए बड़े और छोटे सभी बकायदारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर वसूली की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि वसूली कार्य अप्रैल माह से ही शुरू कर दिया जाए और इसमें पहले बड़े बकायदारों को प्राथमिकता दी जाए। इस प्रक्रिया में क्षेत्रीय विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि गलत बिजली बिलों में सुधार तत्काल किया जाना चाहिए। जिन क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी अधिक है, वहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सेवाएं लेने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने आगामी मौसम में मूंग की फसल को ध्यान में रखते हुए पावर ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोडिंग रोकने और विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। बैठक में ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।












