पश्चिमी सिंहभूम, 06 मई।
पश्चिमी सिंहभूम में जल और बिजली संकट को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए सरकार केंद्र पर अनावश्यक रूप से दोषारोपण कर रही है। इसी मुद्दे को लेकर सात मई को चाईबासा में बड़ा जनआंदोलन करने का ऐलान किया गया है, जिसके तहत रैली निकालकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
यह रैली गौशाला चौक (आकाशवाणी) से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय तक पहुंचेगी। इसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन सहित कई प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रहेगी।
गीता कोड़ा ने कहा कि “हर घर नल जल” योजना के लिए केंद्र की ओर से पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन राज्य सरकार इसका समुचित उपयोग करने में असफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर नहीं दिए जाने के कारण अगली किस्तें रुक गईं, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ और आम जनता को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण इलाकों में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, जो प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम है। यदि योजनाओं को सही ढंग से लागू किया गया होता, तो वर्तमान स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
अन्य नेताओं ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र से मिले फंड के मुकाबले जमीनी स्तर पर काम बेहद कमजोर है। कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं, जिससे लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
भाजपा ने अधिक से अधिक लोगों और कार्यकर्ताओं से आंदोलन में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।






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