भोपाल 29 अप्रैल
राजधानी के चारों ओर रिंग रोड के सपने को साकार करने वाले पश्चिमी बायपास को लेकर इन दिनों तेजी से हलचल देखी जा रही है। यह मार्ग अब केवल यातायात की रफ्तार बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि फंदा से लेकर ईंटखेड़ी तक इसके दोनों ओर एक सुव्यवस्थित नया शहर विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने इसकी तैयारी आरंभ कर दी है और इसके लिए सर्वेक्षण कर अगले 24 महीनों में मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अधिकारियों के अनुसार इस ग्रीनफील्ड बायपास के आसपास टाउन प्लानिंग योजना बनाने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बायपास का निर्माण कार्य अगले दो महीनों में शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के चलते एक ओर निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, वहीं दूसरी ओर नगर नियोजन के लिए विस्तृत सर्वेक्षण भी किया जाएगा।
अक्सर यह देखा गया है कि नए बायपास बनने के बाद आसपास अनियंत्रित बसाहटें तेजी से विकसित होने लगती हैं। बैरागढ़, फंदा और नीलबड़ जैसे क्षेत्रों के बाहरी हिस्सों में बिना योजना के बसी अवैध कॉलोनियों ने भविष्य में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के प्रबंधन को कठिन बना दिया है। इसी समस्या से बचने के लिए निगम ने निर्माण से पहले ही नगर नियोजन की दिशा में कदम बढ़ाया है, ताकि सलाहकार एजेंसियां यह तय कर सकें कि किन क्षेत्रों में आवासीय क्षेत्र होंगे, कहां औद्योगिक केंद्र विकसित होंगे और किन हिस्सों को हरित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा।
निगम के अनुसार चयनित परामर्शदाता संस्था अगले 24 महीनों तक इन क्षेत्रों का तकनीकी अध्ययन करेगी। इसमें इंदौर रोड (फंदा) से लेकर बैरसिया-विदिशा रोड (ईंटखेड़ी) तक की भूमि की उपयोगिता और भविष्य की आवश्यकताओं का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा। इस अध्ययन में पूर्वी बायपास (11 मील से आगे) के आसपास के क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है।










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