भोपाल, 28 अप्रैल
प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक का शुभारंभ वंदे मातरम गान के साथ हुआ और इसमें प्रदेश के विकास के लिए बड़े स्तर पर वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गईं।
मंत्रि-परिषद ने कुल 26 हजार 800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को मंजूरी दी, जिससे राज्य के बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं को नई दिशा मिलने की संभावना है।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आगामी पांच वर्षों (2026 से 2031) तक निर्माण, नवीनीकरण, कार्यालय स्थापना, मरम्मत, आवासों के रखरखाव तथा भूमि अधिग्रहण मुआवजे के लिए 26 हजार 311 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत मुख्यालय और मंडल स्तर की व्यवस्थाओं सहित विभिन्न योजनाओं को शामिल किया गया है।
इसी राशि में से कार्यालय स्थापना और अनुरक्षण के लिए 6180 करोड़ 57 लाख रुपये, केंद्रीय सड़क अधोसंरचना निधि से 6925 करोड़ रुपये, शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए 1680 करोड़ रुपये तथा भूमि अधिग्रहण मुआवजे के लिए 6500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा जिला और अन्य मार्गों के नवीनीकरण के लिए 5000 करोड़ रुपये तथा अन्य अनुदान व भुगतान कार्यों के लिए 25 करोड़ 50 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाब सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 155 करोड़ 82 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से शाजापुर और उज्जैन जिलों के 24 गांवों में लगभग 9200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। लखुंदर नदी से जल उठाकर यह योजना किसानों को लाभ पहुंचाएगी।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की छात्रगृह योजना में संशोधन करते हुए छात्रवृत्ति राशि 1550 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। अब हर वर्ष 100 नए विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। पहले से लाभान्वित विद्यार्थियों को कोर्स अवधि तक सहायता जारी रहेगी।
राज्य के 38 हजार 901 आंगनवाड़ी भवनों में विद्युत व्यवस्था के लिए 80 करोड़ 41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे आंगनवाड़ी केंद्रों में पंखा, ट्यूबलाइट, स्मार्ट टीवी और अन्य उपकरणों का उपयोग संभव होगा, जिससे बच्चों को बेहतर वातावरण में शिक्षा और सेवाएं मिल सकेंगी।
भोपाल स्थित गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी सीट वृद्धि योजना के तहत रेडियोथेरेपी विभाग, लिनियरक मशीन बंकर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथ लैब निर्माण के लिए 79 करोड़ 16 लाख रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है।
रीवा स्थित श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल विस्तार के लिए पूर्व स्वीकृति में संशोधन करते हुए अब 174 करोड़ 80 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि ये सभी निर्णय प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था, सिंचाई, ऊर्जा और ग्रामीण विकास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और आने वाले वर्षों में राज्य की आधारभूत संरचना को नई मजबूती देंगे।












