भोपाल, 18 अप्रैल।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय जनगणना को देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व बताते हुए प्रदेशवासियों से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या से जुड़े आंकड़े ही सरकार की नीतियों के निर्माण और संसाधनों के नियोजन की बुनियाद होते हैं, ऐसे में इस कार्य का सफल होना अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बताया कि राष्ट्रीय जनगणना-2027 का कार्य आगामी एक मई से शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास से जुड़ा व्यापक अभियान है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के पहले चरण के रूप में मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य एक मई 2026 से प्रारंभ होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे इसे अपने कर्तव्य के रूप में लेते हुए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें, ताकि यह कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि नागरिकों की सुविधा के लिए इस बार स्व-गणना की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत 16 से 30 अप्रैल 2026 के बीच नागरिक पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपने परिवार की सटीक और पूर्ण जानकारी देने की अपेक्षा जताई है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रदेश और देश के समग्र विकास में अहम भूमिका निभाएगा। सभी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाते हुए इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जनगणना विश्व की सबसे बड़ी सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना में आधुनिक डिजिटल तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा और पहली बार बड़े स्तर पर मोबाइल आधारित डेटा संकलन की व्यवस्था लागू की जा रही है।









