मध्य प्रदेश
20 May, 2026

कालभैरव मंदिर में अब शीघ्र दर्शन व्यवस्था, 500 रुपये का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह तक पहुंच सकेंगे श्रद्धालु

उज्जैन के श्री कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए 500 रुपये शुल्क पर शीघ्र दर्शन व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके तहत सीधे गर्भगृह से दर्शन की सुविधा मिलेगी।

उज्जैन, 20 मई ।

उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए अब शीघ्र दर्शन व्यवस्था लागू कर दी गई है। बुधवार से शुरू हुई इस नई सुविधा के तहत श्रद्धालु 500 रुपये का टिकट लेकर सीधे गर्भगृह तक पहुंचकर दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने टिकट व्यवस्था मंदिर परिसर के बाहर बनाए गए काउंटर से शुरू की है, जहां सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक टिकट उपलब्ध रहेंगे।

भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर के बाद अब कालभैरव मंदिर में भी विशेष दर्शन सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं को लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। भगवान काल भैरव को मदिरा का भोग लगाए जाने की परंपरा के कारण यह मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से मंदिर क्षेत्र में करीब 125.17 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने का काम भी जारी है।

मंदिर प्रशासन के मुताबिक, अभी इस सुविधा को ऑफलाइन माध्यम से शुरू किया गया है, लेकिन जल्द ही इसे ऑनलाइन भी उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था के अंतर्गत श्रद्धालुओं को एक विशेष मार्ग के जरिए सीधे गर्भगृह तक पहुंचने की सुविधा दी जाएगी, जिससे कम समय में दर्शन संभव हो सकेंगे।

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने सशुल्क शीघ्र दर्शन व्यवस्था लागू की है। इसके तहत सामान्य श्रद्धालु यदि जल्दी दर्शन करना चाहते हैं तो उन्हें मंदिर परिसर के बाहर बने टिकट काउंटर से 500 रुपये का टिकट लेना होगा। टिकट लेने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर के निर्गम द्वार से जुड़े विशेष रास्ते से प्रवेश दिया जाएगा और वहां से सीधे गर्भगृह द्वार तक पहुंचकर दर्शन कराए जाएंगे।

कालभैरव मंदिर के प्रशासक एलएन गर्ग ने बताया कि शुरुआती चरण में टिकट की व्यवस्था ऑफलाइन रखी गई है, लेकिन भविष्य में इसे ऑनलाइन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शीघ्र दर्शन के नाम पर कई श्रद्धालु पहले ठगी का शिकार हो जाते थे, ऐसे में अब अधिकृत टिकट काउंटर से टिकट लेकर सीधे दर्शन की सुविधा मिलने से पारदर्शिता बनी रहेगी।

मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 6:30 बजे खुलते हैं और रात 9:30 बजे तक दर्शन जारी रहते हैं। हालांकि सुबह 8 बजे और रात 8:30 बजे आरती के समय कुछ देर के लिए दर्शन व्यवस्था रोकी जाती है। बाकी समय श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जाते हैं। प्रशासन ने वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए अलग व्यवस्था भी लागू कर रखी है।

महाकाल मंदिर में पहले से संचालित शीघ्र दर्शन सुविधा के तहत प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क लिया जाता है, जहां श्रद्धालुओं को फर्स्ट बैरिकेडिंग या नंदी हॉल से दर्शन कराए जाते हैं। हालांकि नंदी हॉल पिछले दो वर्षों से बंद है। दूसरी ओर कालभैरव मंदिर में श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन और बेल्ट साथ ले जाने की अनुमति है तथा इस पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। 

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