भोपाल, 09 मई।
धार जिले में कांग्रेस के किसान आंदोलन और नेशनल हाईवे जाम के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। आंदोलन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई कांग्रेस विधायकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के बाद बयानबाजी तेज हो गई है।
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों की आवाज़ उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि खलघाट सहित विभिन्न इलाकों में किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन हुआ, लेकिन सरकार ने समाधान निकालने के बजाय एफआईआर दर्ज करने का रास्ता चुना।
सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य, फसल बीमा, खाद-बीज और बिजली जैसी मूलभूत मांगों को उठाना क्या अपराध माना जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के अधिकारों की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ने पर संघर्ष से पीछे नहीं हटेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए यदि जेल जाना पड़े तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज़ उठाते रहेंगे और आंदोलन जारी रहेगा।









