कोलकाता, 23 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल के दमकल मंत्री सुजीत बोस को नगर निकाय भर्ती घोटाले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उनके मामले में एक अहम आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि उन्हें फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश होने की आवश्यकता नहीं है और उन्हें एक मई को ईडी कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया।
यह आदेश चुनाव के दौरान मंत्री को तत्काल राहत देने वाला साबित हुआ। मंत्री ने पहले ही चुनावी जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए ईडी से समय मांगा था और अब न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया के बाद उन्हें ईडी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति कृष्ण राव की पीठ ने इस मामले की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि एक मई को उन्हें ईडी कार्यालय में उपस्थित होना होगा, जिससे चुनावी प्रक्रिया में कोई विघ्न न आये। वहीं, ईडी ने कई बार मंत्री को समन भेजा था, लेकिन हर बार उन्हें समय का आग्रह करना पड़ा था।
मंत्री के इस मामले में सिर्फ सुजीत बोस ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य मंत्री रथीन घोष भी ईडी के समक्ष पेश होने के लिए तलब किए गए हैं। इसके चलते राज्य की राजनीति में गर्मी आ गई है। सुजीत बोस और रथीन घोष दोनों ही आगामी चुनावों में अपने-अपने क्षेत्रों से उम्मीदवार हैं।
ईडी ने पहले भी दोनों मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, और अक्टूबर 2023 में रथीन घोष से पूछताछ के साथ उनके घर पर तलाशी भी ली थी। अब यह मामला राज्य में सियासी बयानबाजी का कारण बन चुका है।
हालांकि, अदालत के आदेश से चुनावी मौसम में मंत्री को राहत मिली है, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें जांच एजेंसी के सवालों का सामना करना होगा।






.jpg)

.jpg)

.jpg)
