22 अप्रैल
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ के वरिष्ठ सलाहकार महदी मोहम्मदी ने इस कदम को निरर्थक बताते हुए कहा कि इससे कोई वास्तविक बदलाव नहीं होने वाला है।
मोहम्मदी ने स्पष्ट कहा कि हार की स्थिति में मौजूद पक्ष शर्तें तय नहीं कर सकता और युद्धविराम विस्तार का कोई महत्व नहीं है। उनके अनुसार, मौजूदा हालात में जारी घेराबंदी किसी भी तरह से बमबारी से अलग नहीं है और इसका जवाब सैन्य कार्रवाई के रूप में दिया जाना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में यह भी आरोप लगाया कि युद्धविराम को आगे बढ़ाने का उद्देश्य समय हासिल करना है, ताकि अचानक हमले की रणनीति बनाई जा सके। उनका कहना था कि अब समय आ गया है जब ईरान को पहल करते हुए स्थिति का जवाब देना चाहिए।
ईरानी नेतृत्व की इस टिप्पणी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जहां पहले से ही हालात संवेदनशील बने हुए हैं।






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