नई दिल्ली, 22 अप्रैल
आईवियर कंपनी लेंसकार्ट के ड्रेस कोड को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसके कारण विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लोग इस विवाद को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। हिंदू संगठनों से जुड़े लोग लेंसकार्ट के स्टोरों पर जाकर कर्मचारियों को तिलक और कलावा बांध रहे हैं।
विवाद तब और बढ़ा जब बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कंपनी के प्रमोटर्स से कहा, "तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है?" इसके बाद शास्त्री ने यह भी कहा, "तेरे कक्का का भारत है क्या? हमारे तो बाप का भारत है।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और मामला और गंभीर हो गया।
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर लेंसकार्ट का पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ, जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, कलावा और बुर्का पहनने से मना किया गया था। हिजाब और पगड़ी पहनने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई थी। इसके बाद एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने पीयूष बंसल से सवाल किया कि हिजाब तो ठीक है, लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं?
लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है और वर्तमान में लागू गाइडलाइनों से इसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है और भारत में हजारों टीम मेंबर्स अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ अपनाते हैं।











