मंत्रालय में एक युवा साहब इन दिनों फाइलों से ज्यादा अपने दिल की फाइल में उलझे हुए हैं। प्रोवेशन के दिनों में दिल कहीं लग गया था, लेकिन अब दोनों की पोस्टिंग अलग-अलग जगह…
मंत्रालय में एक युवा साहब इन दिनों फाइलों से ज्यादा अपने दिल की फाइल में उलझे हुए हैं। प्रोवेशन के दिनों में दिल कहीं लग गया था, लेकिन अब दोनों की पोस्टिंग अलग-अलग जगह हो गई। साहब कई बार दिल्ली की परिक्रमा भी कर आए कि शायद उसी इलाके में पोस्टिंग मिल जाए, जहां दिल छोड़ा था। लेकिन किस्मत को शायद यह मंजूर नहीं। नतीजा यह है कि आफिस में फाइलें कम और दर्द भरे नगमे ज्यादा चल रहे हैं।