भोपाल, 30 मार्च।
मध्य प्रदेश विधानसभा में आज से राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों के युवा विधायकों का दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 63 विधायक भाग ले रहे हैं। सम्मेलन की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी। प्रारंभ में 70 से अधिक विधायकों की उपस्थिति की संभावना जताई गई थी, लेकिन अंततः 63 विधायकों ने हिस्सा लिया।
इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहेंगे। 45 वर्ष से कम उम्र के 63 युवा विधायकों में मध्य प्रदेश से 37, राजस्थान से 13 और छत्तीसगढ़ से 13 विधायक शामिल हैं।
दो दिवसीय सम्मेलन में कुल पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे। पहले दिन तीन सत्र होंगे, जिनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा होगी।
विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोकतंत्र को मजबूत करना और युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर मंथन करना है। सम्मेलन में युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी और जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा।
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। प्रथम दिवस ‘लोकतंत्र और नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने में युवा विधायकों की भूमिका’ विषय पर मंथन होगा। इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी भी युवा विधायकों को संबोधित करेंगे।
सम्मेलन के दूसरे दिन 31 मार्च को ‘विकसित भारत 2047 − युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ पर चर्चा होगी। इस दिन अन्य सत्रों के अलावा एमआईटी पूना के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड का संबोधन होगा। समापन समारोह में राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश उपस्थित रहेंगे। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।










