उज्जैन, 14 अप्रैल।
प्रसिद्ध अभिनेता मिलिंद सोमन ने उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में पहुंचकर प्रातःकालीन भस्म आरती में भाग लिया और भगवान महाकाल के दर्शन किए। उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा उनकी आस्था और धार्मिक जुड़ाव को दर्शाने के साथ ही उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणा का विषय बनी।
देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में शामिल महाकालेश्वर मंदिर अपनी विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती के लिए जाना जाता है, जो ब्रह्म मुहूर्त में संपन्न होती है। इस अनोखी परंपरा में भगवान शिव का अभिषेक चिता की भस्म से किया जाता है, जिसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। इसी दिव्य अनुभव का हिस्सा बनने के लिए मिलिंद सोमन ने मंदिर में दर्शन किए और भस्म आरती में सहभागिता की।
फिटनेस और अनुशासित जीवनशैली के लिए पहचाने जाने वाले मिलिंद सोमन ने पारंपरिक वेशभूषा में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनका शांत और ध्यानमग्न स्वरूप देखा गया, जो उनके आध्यात्मिक पक्ष को दर्शाता है। उन्होंने भस्म आरती के दिव्य वातावरण का अनुभव करते हुए इसे अवर्णनीय बताया और कहा कि इस अनुभव को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।
महाकालेश्वर मंदिर का वातावरण दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति भाव से भरा होता है, जहां भस्म आरती के समय पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो जाता है। मिलिंद सोमन ने भी इस दिव्यता को करीब से महसूस किया और इसे अपने जीवन का विशेष अनुभव बताया।
उनकी इस यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिन पर प्रशंसक सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे यह संदेश देने वाला कदम बताया है कि आधुनिक और व्यस्त जीवनशैली के बावजूद आस्था और आध्यात्मिकता से जुड़ाव बनाए रखना आवश्यक है।
मंदिर प्रशासन ने भी उनके आगमन की पुष्टि करते हुए बताया कि मिलिंद सोमन ने सामान्य श्रद्धालु की तरह ही दर्शन किए और किसी विशेष व्यवस्था का उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने मंदिर की इस व्यवस्था की सराहना की और कहा कि आम भक्त की तरह दर्शन करने का अनुभव उनके लिए अत्यंत संतोषजनक रहा।









.jpg)
.jpg)


