भोपाल, 14 अप्रैल
मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 28 हजार 199 किसानों से 12 लाख 52 हजार 470 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसके साथ ही किसानों के खातों में 10 करोड़ 23 लाख रुपये का भुगतान भी जारी कर दिया गया है।
प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं उपार्जन प्रक्रिया 9 अप्रैल से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि शेष संभागों में 15 अप्रैल से खरीद कार्य शुरू किया जाएगा। अभी तक 2 लाख 35 हजार 177 किसानों ने 1 करोड़ 3 लाख 90 हजार 280 क्विंटल गेहूं बिक्री के लिए स्लॉट बुक किए हैं। पूरे प्रदेश में 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं और खरीद कार्य केवल कार्यालयीन दिवसों में ही संचालित हो रहा है।
उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। छायादार स्थान पर बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ पेयजल की पर्याप्त सुविधा भी सुनिश्चित की गई है। केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण तथा उपज की सफाई के लिए पंखे और छननी जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
मंत्री ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। उपार्जन के लिए पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था कर ली गई है और भंडारण हेतु जूट बारदानों के साथ पीपी और एचडीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है। अब तक 7 लाख 69 हजार 720 क्विंटल गेहूं का परिवहन भी पूरा किया जा चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी, जबकि इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बा









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