शिमला, 16 मई।
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चिट्टा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को चंडीगढ़ और अमृतसर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर अंतरराज्यीय गिरोह तक पहुंच बनाई गई।
पहला मामला 13 मई को थाना ढली में दर्ज हुआ था, जिसमें निखिल ठाकुर और सुलभ थापा को लगभग 11 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा गया था। इनमें निखिल ठाकुर शिमला के चौड़ा मैदान क्षेत्र का निवासी और पेशे से अधिवक्ता है, जबकि सुलभ थापा टुटीकंडी क्षेत्र से संबंध रखता है।
जांच के दौरान मोबाइल डेटा, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन के विश्लेषण से सप्लाई नेटवर्क की कड़ी चंडीगढ़ निवासी आकाश तक पहुंची। इसके बाद 15 मई को पुलिस टीम ने चंडीगढ़ के राम दरबार इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया।
दूसरे मामले में रामपुर थाना क्षेत्र में 9 मई को तीन आरोपियों को 9 ग्राम चिट्टा और डिस्पोजेबल सिरिंज के साथ पकड़ा गया था। आगे की जांच में सप्लाई लिंक पंजाब के अमृतसर से जुड़ा पाया गया, जिसके आधार पर पुलिस ने अमनदीप सिंह को अमृतसर के हमीदपुरा कॉलोनी क्षेत्र से 15 मई को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक 2026 में एनडीपीएस मामलों की जांच में बदलाव करते हुए अब केवल छोटे तस्करों तक सीमित न रहकर पूरे नेटवर्क और मुख्य सप्लायरों तक कार्रवाई की जा रही है। इस रणनीति के तहत बैकवर्ड लिंकिज के आधार पर 37 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसएसपी शिमला के अनुसार इस वर्ष अब तक 29 अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए जा चुके हैं, जिनमें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी सख्ती से जारी रहेगा।










