नई दिल्ली, 05 मई।
केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगामी चीनी सत्र 2026-27 के लिए बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने 10.25 प्रतिशत रिकवरी दर पर 365 रुपये प्रति क्विंटल का उचित एवं लाभकारी मूल्य तय करने को मंजूरी प्रदान की है।
केंद्रीय स्तर पर लिए गए इस फैसले के तहत आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने यह दर निर्धारित की है, जो अक्टूबर से सितंबर तक चलने वाले चीनी सत्र पर लागू होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी दर 9.5 प्रतिशत से कम रहती है, वहां किसानों के भुगतान में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में गन्ना उत्पादकों को 338.3 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2026-27 के लिए गन्ने की उत्पादन लागत (ए2+एफएल) 182 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई है। निर्धारित 365 रुपये का एफआरपी इस लागत से 100.5 प्रतिशत से अधिक है, जो किसानों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
यह दर पिछले चीनी सत्र 2025-26 की तुलना में 2.81 प्रतिशत अधिक है। सरकार के इस निर्णय से देशभर के लगभग 5 करोड़ गन्ना किसानों के साथ-साथ चीनी उद्योग और उससे जुड़े करीब 5 लाख श्रमिकों को भी सीधा लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।



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