लखनऊ, 27 अप्रैल
नेपाल से आए 20 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में अध्यक्ष सतीश महाना से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध प्राचीन काल से ही अत्यंत घनिष्ठ और आत्मीय रहे हैं, जो समय के साथ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्तर पर और अधिक मजबूत होते गए हैं। उन्होंने इन संबंधों को दोनों देशों की साझा विरासत बताया।
उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी जोर देते हुए कहा कि किसी भी विषय को प्रस्तुत करने से पहले उसकी पूरी और सही जानकारी का परीक्षण आवश्यक है। आज के समय में टीआरपी की प्रतिस्पर्धा के चलते नकारात्मकता को अधिक स्थान दिए जाने की प्रवृत्ति चिंता का विषय है, जबकि मीडिया का दायित्व समाज में संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है।
अध्यक्ष ने लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ बताते हुए इसकी जिम्मेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, विशेष रूप से संसद और विधानसभा की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों के लिए यह और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका समान होती है और विधानसभा अध्यक्ष दोनों के प्रति समान रूप से उत्तरदायी रहता है। साथ ही उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अब पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल स्वरूप में विकसित हो चुकी है, जहां पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर नेपाली प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा भवन का विस्तार से भ्रमण किया और विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का अवलोकन किया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें विधायी प्रक्रिया, कार्य प्रणाली और लोकतांत्रिक मूल्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
नेपाल का यह मीडिया प्रतिनिधिमंडल इन दिनों उत्तर प्रदेश के दौरे पर है और विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।













