नई दिल्ली, 05 मई।
भारत मंडपम में भारत और जापान के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर संयुक्त समिति की तीसरी बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और जापान की स्वास्थ्य नीति प्रभारी मंत्री किमी ओनोदा ने की।
इस अवसर पर श्री नड्डा ने कहा कि भारत और जापान के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का उद्देश्य स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना, सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत के तहत समावेशी विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बैठक में कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी आपसी विश्वास, सम्मान और साझा दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त समिति संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
बैठक में जापान की मंत्री किमी ओनोदा ने कहा कि उनका देश नवाचार, तकनीक और अनुसंधान के माध्यम से स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक के दौरान गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, उपचार और पुनर्वास, उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली और मानव संसाधन विकास जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों देशों ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए सहयोग को नई दिशा देने पर सहमति जताई।
भारत ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य ढांचे की प्रगति को साझा किया, जबकि जापान ने एआई आधारित चिकित्सा तकनीक और डिजिटल एकीकरण के अपने अनुभव प्रस्तुत किए।
मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में भी संयुक्त प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग और कौशल आदान-प्रदान को मजबूत करने पर सहमति बनी।
समापन सत्र में दोनों पक्षों ने इस बैठक को स्वास्थ्य सहयोग को नई गति देने वाला बताते हुए भविष्य में द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।





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