भोपाल, 24 अप्रैल
प्रदेश के किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का सशक्त किसान ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का संकल्प सच्चे वादे और पक्के काम पर आधारित है तथा किसानों से किए गए सभी वादों को धरातल पर पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि जब खेत से लेकर उद्योग तक समृद्धि आएगी तभी किसान भी खुशहाल होंगे और किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें प्रदेश की सेवा का अवसर मिला और इसी भाव से वे निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण के बाद से पूरा प्रदेश उनका परिवार है और जनता का सुख-दुख ही उनका अपना सुख-दुख है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश के तीव्र विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रगति की सबसे मजबूत आधारशिला किसान हैं। उन्होंने सभी अन्नदाताओं को नमन करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह किसानों की समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है और उनके जीवन में सुख एवं समृद्धि लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाए बिना समग्र विकास की कल्पना अधूरी है। इसी कारण सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है और इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केंद्र से अनुरोध कर गेहूं उपार्जन की सीमा बढ़वाई है, जिससे उपार्जन लक्ष्य में बड़ी वृद्धि हुई है, जो किसानों की मेहनत का सम्मान है।
उन्होंने बताया कि अब पूरे प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी गई है और उपार्जन कार्य सप्ताह में छह दिन होगा। साथ ही बुकिंग की समयसीमा भी बढ़ाई गई है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ ले सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के बदले अब किसानों को चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है, जिससे उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीक और फसल विविधीकरण पर सरकार तेजी से कार्य कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं तथा उर्द की खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरसों के लिए भावांतर योजना के कारण किसानों को बाजार मूल्य से अधिक लाभ मिल रहा है।
किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों को कम राशि में कृषि पंप कनेक्शन दिए जा रहे हैं तथा सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसान ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि नई समितियों के गठन से दूध संग्रहण में वृद्धि हुई है और किसानों की आय में भी सुधार आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और वितरण व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाकर किसानों को बिना परेशानी खाद उपलब्ध कराया जा रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले वर्षों में किसानों के साथ जो विश्वास कायम किया है उसे और मजबूत किया जाएगा तथा हर परिस्थिति में सरकार अपने अन्नदाताओं के साथ खड़ी रहेगी।









