शिमला, 27 मार्च।
हिमाचल प्रदेश में पंचायतों और शहरी निकायों के आगामी चुनावों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगा दी है। आयोग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देशों की जानकारी देने को कहा है, ताकि चुनाव निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
आयोग ने अपने आदेश में बताया कि उच्चतम न्यायालय ने एसएलपी (सिविल) संख्या 5451/2026 के निपटारे के दौरान प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव 31 मई 2026 तक संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। इसी आदेश के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव तैयारियों को तेज कर दिया है और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण समेत अन्य जरूरी प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं।
आयोग ने कहा कि चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की निरंतर उपस्थिति और निगरानी आवश्यक है। इस दौरान उनके तबादले होने से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए फिलहाल सीधे चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाई गई है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1994, नगर पालिका अधिनियम 1994 और नगर निगम अधिनियम 1994 के प्रावधानों के तहत चुनाव से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी चुनाव अवधि के दौरान आयोग के नियंत्रण और अनुशासन के अधीन होंगे। इस दौरान उनका तबादला बिना आयोग की अनुमति के नहीं किया जा सकता।
हालांकि, आयोग ने यह भी कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों में जैसे गंभीर स्वास्थ्य समस्या, अनुशासन संबंधी कारण या अदालत के आदेश पर तबादला करना जरूरी हो, तो संबंधित विभाग को पहले आयोग से अनुमति लेनी होगी। तबादला आदेश में यह स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य होगा कि आयोग से पूर्व अनुमति ली गई है।
आयोग ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के किसी अधिकारी का तबादला या कार्यमुक्ति करने पर संबंधित कार्यालय प्रमुख जिम्मेदार होंगे।











